Exclusive: आखिरी वक्त में कैसी थी बप्पी लहिरी की हालत, डॉक्टर ने सुनाया बीमारी और हेल्थ का पूरा किस्सा

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Exclusive: आखिरी वक्त में कैसी थी बप्पी लहिरी की हालत, डॉक्टर ने सुनाया बीमारी और हेल्थ का पूरा किस्सा
Feb 16th 2022, 09:52

बॉलिवुड के फेमस सिंगर और म्यूजिशियन बप्पी लहिरी (Bappi Lahiri) हमारे बीच अब नहीं हैं। हालांकि, बप्पी दा उनमें से हैं जिनका काम हमेशा याद किया जाएगा। बप्पी लहिरी पिछले एक महीने से अस्पताल में भर्ती थे। क्रिटी केयर हॉस्पिटल के डायरेक्टर डॉ. दीपक नामजोशी ने नवभारत टाइम्स से हुई बातचीत में पूरा किस्सा सुनाया और बताया कि मंगलवार देर रात अचानक वह कोलैप्स हो गए। डॉक्टर ने बप्पी लहिरी के हेल्थ को लेकर पूरी बातें सुनाई कि अपने आखिरी दिनों में उनका कैसा हाल था। डॉक्टर ने बताया कि उनकी तबीयत ठीक हो गई थी जिसके बाद उन्हें हॉस्पिटल से घर भेज दिया गया था। डॉक्टर ने बप्पी दा के हॉस्पिटलाइजेशन का पूरा किस्सा सुनाया। उन्होंने बताया, 'उनको लंग इन्फेक्शन था और उन्हें OSA (obstructive sleep apnea)की बीमारी थी। वह इन दोनों हेल्थ इशूज़ की वजह से हॉस्पिटल में थे, जिसमें से वह 18-19 दिन आईसीयू में थे। बाकी के दिन उन्हें रूम में शिफ्ट किया गया था और धीरे-धीरे वह ऐक्टिव हो रहे थे। सबकुछ ठीक हो गया था तभी उनको घर भेजा गया था।' डॉक्टर ने बताया कि नींद में खर्राटे लेने वालों को आमतया ये बीमारी होती है और मोटापे से आती है। डॉक्टर ने बीते दिनों बप्पी दा से हुई बातचीत का किस्सा भी शेयर किया। उन्होंने कहा कि बप्पी दा काफी पॉजिटिव इंसान थे।डॉक्टर ने बताया, 'उन्हें सभी टीवी प्रोग्राम में फिर से आना था, उन्हें दोबारा काम शुरू करना था। उनका उत्साह फुल था। उन्हें बहुत सारा काम करना था, वह हमेशा पॉजिटिव नोट पर रहते थे। उनको कभी हिम्मत नहीं देना पड़ता था, वह खुद ही पॉजिटिव रहते थे कि मुझे जल्दी ठीक करो और भेजो।' उन्होंने यह भी बताया कि बप्पी दा उन्हें 'बम्बई से आया मेरा दोस्त' गाकर सुनाया करते थे, मैं उनका बम्बई से आया हुआ दोस्त था। उन्होंने बताया 'उनकी आवाज जितनी क्लियर होनी चाहिए थी वो नहीं हो पा रही थी। गाते हुए वह थोड़ा खांसना शुरू कर देते थे तो वह रुक जाते थे। मैं उनको हमेशा बोलता था कि बप्पी दा मैं बम्बई से आया मेरा दोस्त...तो वो बोलते थे कि ठीक होकर घर पर खाने को बुलाऊंगा और पूरा गाना तुम्हारे साथ गाऊंगा।' डॉक्टर ने बताया, 'उन्हें मुझपर भरोसा था और बीमारी को लेकर बहुत ज्यादा जिज्ञासा नहीं रखते थे । वह कहते थे जो भी है आप मुझे ठीक कर दीजिए। वह ज्यादा नहीं सोचते थे कि क्या हो रहा, क्यों हो रहा है और क्यों मैं बार-बार बीमार हो रहा हूं। उनकी फैमिली के लोग जरूर पूछते थे कि उनकी ठीक करने के लिए और क्या कर सकते हैं, लेकिन बप्पी दा खुद म्यूजिक की दुनिया में रहते थे।' बप्पी दा पिछले काफी समय से हॉस्पिटल के चक्कर लगाया करते थे। उम्र के साथ बढ़ती परेशानियों को लेकर बातें करते हुए डॉक्टर ने बताया, 'उम्र के साथ उन्हें डायबिटीज़ और ब्लड प्रेशर की समस्या थी। इसके अलावा और कोई बड़ी बीमारी नहीं थी। लंग्स की वीकनेस ही मेन थी, बाकी शरीर का हिस्सा ठीक था।' डॉक्टर ने बताया कि चूंकि वह हेवी थे इसी वजह से उन्हें obstructive sleep apnea हुआ था। डॉक्टर ने बताया कि जब उन्हें हॉस्पिटल से 14 फरवरी को छुट्टी दी जा रही थी तो बप्पी दा के चेहरे पर बड़ी सी स्माइल थी। डॉक्टर ने बताया, 'उन्होंने कहा कि चलो अभी घर जा रहा हूं एक हफ्ते के बाद आपको फिर से मिलता हूं। ठीक होने के बाद भी वीक तो थे वो लेकिन हमें लगा था कि घर पर अच्छा खाने-पीने से ये वीकनेस खत्म हो जाएगा, इसलिए हमने उन्हें घर भेजा था। क्योंकि ब्लड टेस्ट में सारे पैरामीटर्स को उन्होंने अच्छी तरह से अचीव किया हुआ था। डेढ़ साल से हमें हमेशा वो डर था जिस तरह से वह डिटोरिएट होकर आते थे तो लगता था कि शायद इस बार उनका आखिरी न हो। डॉक्टर दीपक ने उस दिन का किस्सा भी बताया जिस दिन 6 फरवरी को लता मंगेशकर का निधन हुआ था। उन्होंने बताया, 'जिस दिन लता मंगेशकर का निधन हुआ था मैं उनसे मिलने गया तो उनकी आंखों में आंसू थे। लता जी उन्हें बेटे जैसा मानती थीं। टीवी देखकर वह रोते जा रहे थे। उनका वाइफ ने कहा कि वह लता दीदी से काफी क्लोज़ हैं इसलिए ये बहुत दुखी हैं। लेकिन वह उस दिन बाकी दिनों की तुलना में शांत थे।' हालांकि, डॉक्टर ने ये भी बताया कि बप्पी दा इमोशनल जरूर हुए थे लेकिन उनकी तबीयत ठीक थी। चूंकि अपने आखिरी दिनों में बप्पी दा हॉस्पिटल में लंबे समय तक रहे और डॉक्टर दीपक उनकी दोस्त की तरह थे। बप्पी दा के गुजर जाने की खबर सुनकर वह बहुत डिस्टर्ब हैं।

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