रणधीर कपूर की इस आदत से परेशान थीं बबीता, 34 साल अलग रहने के बावजूद इस कारण नहीं लिया तलाक

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रणधीर कपूर की इस आदत से परेशान थीं बबीता, 34 साल अलग रहने के बावजूद इस कारण नहीं लिया तलाक
Feb 15th 2022, 07:31

रणधीर कपूर (Randhir Kapoor) और बबीता (Babita) बॉलिवुड के उन कपल्स में से एक हैं, जिन्होंने सिखाया कि शादी खत्म होने के बाद भी किस तरह दोस्त बना रहा जा सकता है। किस तरह हर सुख-दुख में एक-दूसरे का साथ निभाया जा सकता है। रणधीर कपूर और बबीता ने 1971 में शादी की थी, लेकिन कुछ मतभेदों के चलते दोनों 1988 में अलग हो गए। रणधीर और बबीता को अलग हुए 34 साल हो चुके हैं, पर उन्होंने तलाक नहीं लिया। भले ही रणधीर और बबीता का परिवार बढ़ता जा रहा है, पर उनके बीच की दूरियां आज भी वैसी ही हैं। लेकिन इन दूरियों के बावजूद रणधीर और बबीता ने मिलकर दोनों बेटियों-करिश्मा (Karisma Kapoor) और करीना कपूर (Kareena Kapoor) की परवरिश की है। यह वाकई एक मिसाल है। आज यानी 15 फरवरी को रणधीर कपूर () के 75वें बर्थडे पर हम आपको उनकी लव लाइफ के बारे में बताने जा रहे हैं। साथ ही बताएंगे कि तमाम मतभेदों के बावजूद रणधीर और बबीता ने तलाक क्यों नहीं लिया? रणधीर कपूर, मशहूर ऐक्टर और डायरेक्टर राज कपूर के बेटे हैं। उन्होंने 1971 में फिल्म 'कल आज और कल' से ऐक्टिंग डेब्यू किया था। बबीता भी एक ऐक्ट्रेस रहीं। बबीता ने 1976 में फिल्म 'दस लाख' से ऐक्टिंग डेब्यू किया था। लेकिन डेब्यू से पहले ही रणधीर कपूर और बबीता की मुलाकात हो चुकी थी। पहली मुलाकात और पहली नजर का प्यार रणधीर और बबीता की पहली मुलाकात साल 1969 में हुई थी। उस वक्त रणधीर कपूर, पिता राज कपूर के साथ उनकी फिल्म 'संगम' के सेट पर गए थे। वहां बबीता भी मौजूद थीं। रणधीर की नजर बबीता पर पड़ी तो वह उन्हें देखते ही रह गए। दोनों पहली नजर में ही एक-दूसरे को दिल दे बैठे थे। इसके बाद गुपचुप मिलने का सिलसिला शुरू हुआ। जब दो साल बीते तो बबीता को पता चला कि कपूर खानदान की बहुएं फिल्मों में काम नहीं कर सकतीं। यह जानने के बाद बबीता तो चिंता हो गई। वह अपना फिल्मी करियर नहीं छोड़ना चाहती थीं। उन्होंने रणधीर कपूर से कहा कि या तो वह उनसे शादी कर लें या फिर छोड़ दें। इस शर्त पर राज कपूर ने कराई थी रणधीर-बबीता की शादी बताया जाता है कि रणधीर कपूर ने यह सोचकर बबीता को फैमिली से मिलवाने का फैसला किया कि जिस फिल्म में वह काम करेंगे, उसी में बबीता को हिरोइन बना लेंगे। राज कपूर को बेटे रणधीर के साथ बबीता के काम करने से कोई एतराज नहीं था। लेकिन वह उन्हें अपनी बहू के रूप में स्वीकार करने के लिए तैयार नहीं थे। रिपोर्ट्स के मुताबिक, बाद में राज कपूर बेटे रणधीर के प्यार के आगे झुक गए और बबीता संग उनकी शादी करवाने को राजी हो गए। हालांकि शर्त रखी गई कि शादी के बाद बबीता फिल्मों में काम नहीं करेंगी। बबीता, रणधीर से बेइंतेहा प्यार करती थीं और उन्होंने खुशी-खुशी शर्त स्वीकार कर ली। कपूर खानदान की बहू बनने के लिए छोड़ीं फिल्में, होने लगी अनबन 6 नवंबर 1971 को रणधीर कपूर और बबीता की शादी हो गई। उनकी शादीशुदा जिंदगी में सबकुछ अच्छा चल रहा था। 1974 में पहली बेटी करिश्मा का जन्म हुआ। लेकिन 1981 तक आते-आते रणधीर और बबीता की शादीशुदा जिंदगी में मुश्किलें आनी शुरू हो गईं। दरअसल 1980 के दशक में रणधीर की फिल्में फ्लॉप होने लगीं। उनका करियर ढलान की ओर जाने लगा। इस कारण आर्थिक दिक्कतें भी शुरू हो गईं। रणधीर की एक भी फिल्म नहीं चल रही थी। इस कारण रणधीर ज्यादा पीने लगे और उन्होंने अपने ऐक्टिंग करियर पर ध्यान देना बंद कर दिया। इसका असर उनकी बबीता संग शादी पर भी असर पड़ा। तब 1987 में बबीता ने रणधीर कपूर से अलग होने का फैसला कर लिया। रणधीर ने बबीता से अलग होने की बताई थी यह वजह वहीं 2017 में 'हिंदुस्तान टाइम्स' को दिए इंटरव्यू में रणधीर कपूर ने बबीता को लेकर बात की थी और कहा था कि उन दोनों के बीच ज्यादा कुछ नहीं बदला है। तब रणधीर ने कहा था, 'बबीता मेरी जिंदगी का अहम हिस्सा हैं। उन्होंने मुझे दो प्यारे बच्चे दिए हैं। हम बड़े हैं और हमने अलग-अलग रहने का फैसला किया। लेकिन हम दुश्मन नहीं हैं।' इस इंटरव्यू में रणधीर ने यह भी बताया था कि आखिर उन्होंने और बबीता ने अलग रहने का फैसला क्यों किया था? क्यों दोनों ने अपनी शादी खत्म कर दी थी? इस बारे में रणधीर ने बताया था कि बबीता तो उनका लाइफस्टाइल पसंद नहीं था। रणधीर कपूर ने कहा था, 'उन्हें (बबीता) को लगा कि मैं बहुत बुरा आदमी हूं, जो बहुत पीता हूं और रात को देर से घर लौटता हूं। यही चीज उन्हें पसंद नहीं थी। और मैं उनके हिसाब से अपनी जिंदगी नहीं जीना चाहता था। बेशक हमारी लव मैरिज थी पर वह मुझे वैसे ही स्वीकार नहीं कर सकीं जैसा मैं हूं। लेकिन ठीक है। हमारे दो बच्चे हैं। बबीता ने उनकी ढंग से परवरिश की, पाला-पोसा और आज दोनों ही अपने करियर में सफल हैं। एक पिता के रूप में मैं और क्या मांग सकता था?'

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